1. साइज़ और रंग, अपने-अपने स्टॉक के साथ
चार साइज़ और तीन रंग की एक शर्ट यानी शेल्फ़ पर बारह आइटम। सॉफ़्टवेयर को एक ही प्रोडक्ट में सारे साइज़ और रंग रखने चाहिए, हर एक का अपना स्टॉक, स्टिकर और रिपोर्ट। बेचने वाले से दिखाने को कहें कि ख़त्म हो चुका साइज़ बिलिंग स्क्रीन पर कैसा दिखता है।
2. हर पीस पर स्टिकर
काउंटर पर आइटम का नाम टाइप करना धीमा है और कीमत ग़लत होती है। देखें कि सॉफ़्टवेयर से लेबल प्रिंटर और साधारण A4 स्टिकर शीट दोनों पर स्टिकर प्रिंट हो सकते हैं, और कंपनी के बारकोड वाले पीस वैसे ही स्कैन होते हैं। देखें कपड़ों के लिए स्टिकर कैसे प्रिंट करें।
3. हर पीस पर सही GST
रेडीमेड कपड़ों पर ₹2,500 प्रति पीस तक 5% GST और ऊपर 18% (22 सितंबर 2025 से), छूट के बाद की कीमत पर। फ़ैब्रिक और साड़ियों पर आम तौर पर हर कीमत पर 5%। सॉफ़्टवेयर को पूरी दुकान के लिए एक दर नहीं, हर पीस के लिए दर अपने आप चुननी चाहिए। ₹2,800 की कुर्ती पर 15% छूट आज़माएँ: 5% आना चाहिए। मिलान के लिए हमारा कपड़ों का GST कैलकुलेटर देखें।
4. मीटर में कपड़ा
अगर आप रनिंग मटीरियल, शर्टिंग या सूटिंग बेचते हैं, तो सॉफ़्टवेयर को बिलिंग पर लंबाई पूछनी चाहिए, स्टॉक मीटर में रखना चाहिए और बिल पर मीटर छापना चाहिए।
5. इंटरनेट बंद होने पर भी बिलिंग
पूछें कि भीड़ के बीच इंटरनेट चला जाए तो क्या होगा। सिर्फ़ क्लाउड वाला सॉफ़्टवेयर रुक जाता है। एक कंप्यूटर वाला सॉफ़्टवेयर चलता रहता है, पर वह कंप्यूटर ख़राब हुआ तो डेटा गया। सबसे सुरक्षित दोनों है: डेटा क्लाउड में और काउंटर ऑफ़लाइन भी बिल बनाए। देखें ऑफ़लाइन या क्लाउड।
6. काउंटर पर रफ़्तार
त्योहार की भीड़ में काउंटर का हर सेकंड एक इंतज़ार करता ग्राहक है। देखें: बारकोड गन या फ़ोन कैमरा से स्कैन, ग्राहक चुनता रहे तब तक बिल होल्ड, नए टैब में दूसरा बिल, बँटा हुआ भुगतान (कुछ नकद, कुछ UPI), और बिना प्रिंट विंडो के प्रिंट।
7. स्टाफ़ पर नियंत्रण
हर व्यक्ति का अपना लॉगिन होना चाहिए। बड़ी छूट और रिटर्न के लिए मालिक या मैनेजर का PIN लगना चाहिए, और एक रिपोर्ट बताए कि किसने कौन-सी छूट दी, स्कैन के बाद किसने आइटम हटाए और किसकी नकदी कम निकली।
8. एक्सचेंज और रिटर्न
कपड़े साइज़ के लिए लौटते हैं। सॉफ़्टवेयर को बिल ढूँढकर पीस वापस स्टॉक में लेना चाहिए, और पैसे लौटाने या ऐसा क्रेडिट नोट देने की सुविधा होनी चाहिए जिसे ग्राहक एक्सचेंज में इस्तेमाल करे।
9. रिपोर्ट जो बताएँ कि क्या करना है
- आज की बिक्री और मुनाफ़ा, आपके फ़ोन पर
- सबसे ज़्यादा बिकने वाले, और कौन-से साइज़ बिकते हैं
- डेड स्टॉक: 60, 90 या 180 दिन से न बिका माल, और उसमें फँसा पैसा
- हर सेल्समैन की बिक्री या पॉइंट
- अकाउंटेंट के लिए GST सारांश और Tally एक्सपोर्ट
10. आपका डेटा आपका है
पूछें कि डेटा कैसे निकालेंगे: क्या प्रोडक्ट, ग्राहक और बिल कभी भी Excel फ़ाइल में डाउनलोड हो सकते हैं? क्या दुकान के कंप्यूटर के अलावा कहीं और रोज़ बैकअप होता है?
11. आपकी भाषा और आपका हार्डवेयर
स्टाफ़ अपनी भाषा में जल्दी सीखता है, और ग्राहक ऐसा बिल पसंद करते हैं जो वे पढ़ सकें। स्क्रीन और प्रिंट बिल अपनी भाषा में देखें, और जाँचें कि आपके प्रिंटर और स्कैनर चलते हैं: 58 मिमी या 80 मिमी बिल प्रिंटर, लेबल प्रिंटर, बारकोड गन।
12. सही कीमत, और अपने काउंटर पर ट्रायल
सिर्फ़ पहली क़िस्त नहीं, दो-तीन साल का कुल ख़र्च मिलाएँ: सेटअप, सालाना रिन्यूअल, अतिरिक्त काउंटर, अतिरिक्त स्टाफ़। फिर पैसे देने से पहले अपने प्रोडक्ट के साथ आज़माएँ। अच्छा सॉफ़्टवेयर इसकी इजाज़त देगा।